Rudrabhishek – Baba Baidyanath

Rudrabhishek – Darshan of baba dham in coming days. have Puja with Rudrabhishek – Baba Baidyanath Dham Jyotirlinga, Deoghar, Jharkhand. Get VIP Darshan in temple.

बाबा बैद्यनाथधाम ज्‍योतिर्लिंग को ” मनोकामना लिंग ” भी कहा जाता है। लाखो भक्त करते है रुद्राभिषेक की पूजा देवघर के बैद्यनाथधाम ज्‍योतिर्लिंग में और अपना मनोकामना पाते है |

भगवान शिव अपने भक्‍तों की पूजा से बहुत जल्‍दी ही प्रसन्‍न हो जाते हैं लेकिन आप अपनी कुछ विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति करना चाहते हैं तो शिव का रुद्राभिषेक करना सबसे शुभ उपाय हो सकता है |

हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं। रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारी कुंडली से पातक कर्म एवं महापातक भी जलकर भस्म हो जाते हैं और साधक में शिवत्व का उदय होता है तथा भगवान शिव का शुभाशीर्वाद भक्त को प्राप्त होता है और उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि एकमात्र सदाशिव रुद्र के पूजन से सभी देवताओं की पूजा स्वत: हो जाती है।

रुद्राभिषेक की महिमा :

भोलेनाथ को रुद्राभिषेक सबसे ज्यादा प्रिय है |
कहते हैं कि रुद्राभिषेक से शिव जी को प्रसन्न करके आप असंभव को भी संभव करने की शक्ति पा सकते हैं तो आप भी सही समय पर रुद्राभिषेक करिए और शिव कृपा के भागी बनिए |

रुद्राभिषेक की पूजा से क्या होता है ?

– शिव जी की कृपा से सारे ग्रह बाधाओं और सारी समस्याओं का नाश होता है |
– रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं |
– रुद्राभिषेक कोई भी कष्ट या ग्रहों की पीड़ा दूर करने का सबसे उत्तम उपाय है |
– रुद्राभिषेक में शुक्ल यजुर्वेद के रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों का पाठ करते हैं |
– सावन में रुद्राभिषेक करना ज्यादा शुभ होता है |

शिव जी का निवास कब मंगलकारी होता है ?

देवों के देव महादेव ब्रह्माण्ड में घूमते रहते हैं | महादेव कभी मां गौरी के साथ होते हैं तो कभी-कभी कैलाश पर विराजते हैं |
ज्योतिषाचार्याओं की मानें तो रुद्राभिषेक तभी करना चाहिए जब शिव जी का निवास मंगलकारी हो |

– हर महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया और नवमी को शिव जी मां गौरी के साथ रहते हैं |
– हर महीने कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा, अष्टमी और अमावस्या को भी शिव जी मां गौरी के साथ रहते हैं |
– कृष्ण पक्ष की चतुर्थी और एकादशी को महादेव कैलाश पर वास करते हैं |
– शुक्ल पक्ष की पंचमी और द्वादशी तिथि को भी महादेव कैलाश पर ही रहते हैं |
– कृष्ण पक्ष की पंचमी और द्वादशी को शिव जी नंदी पर सवार होकर पूरा विश्व भ्रमण करते हैं |
– शुक्ल पक्ष की षष्ठी और त्रयोदशी तिथि को भी शिव जी विश्व भ्रमण पर होते हैं |
रुद्राभिषेक के लिए इन तिथियों में महादेव का निवास मंगलकारी होता है |

शिव कृपा से आपकी सभी मनोकामना जरूर पूरी होंगी तो आपके मन में जैसी कामना हो वैसा ही रुद्राभिषेक करिए और अपने जीवन को शुभ ओर मंगलमय बनाइए |