Sabka Malik Ek

Sri Sai Baba Temple (Sai Mandir) in Deoghar is situated at Near St. Francis School Road, Castair Town, Deoghar, Jharkhand.Sri Sai Baba Mandir  Bhoomi Pooja was performed on the auspicious day of Sri Ramanavami on 3rd April 2009 (Deoghar, Jharkhand).The Temple was inaugurated on the auspicious day of Vijayadashmi on 6th October 2011 by famous Sai Bhakta Sri.Chandramoulishwar Prasad Singh.This temple is founded by Sri. Mahesh Kumar Singh. He is taking care of the overall development and improvement of the temple.The Temple opens at 07:00 AM with the Morning Kakad Aarti & will be closed after Shej Aarti at 6:00 PM.A Beautiful Marble Idol of Shirdi Saibaba about 3.5 ft on a Marble Simhasan is installed in the Mandir. Small Marble Idol of Dattatreya and Marble Padukas are also installed in the Mandir.

Why we worship Sri Sai Baba on Thursday?

Sai Baba was a spiritual master who is regarded by his devotees as an avatar of God. According to Indian beliefs, he was a Fakir and a satguru. Thursday is regarded as the day of Lord/Master/Teacher in Hinduism.

He taught a moral code of love, forgiveness and devotion to God. He believed in no distinction based on religion or caste. Sai Baba’s well-known epigram is “Sabka Malik Ek” (“One God governs all”).

Temple Opens at 6.00 a.m.
Kakad Aarti at Morning 7.00 a.m.
Mangal Snan 6.00 a.m.
Thursday Dhoop Aarti Evening Prayer 7.00 PM.

 

आरती श्री साईं 

आरती श्री साईं गुरुवर की |
परमानन्द सदा सुरवर की ||

जा की कृपा विपुल सुखकारी |
दुःख, शोक, संकट, भयहारी ||

शिरडी में अवतार रचाया |
चमत्कार से तत्व दिखाया ||

कितने भक्त चरण पर आये |
वे सुख शान्ति चिरंतन पाये ||

भाव धरै जो मन में जैसा |
पावत अनुभव वो ही वैसा ||

गुरु की उदी लगावे तन को |
समाधान लाभत उस मन को ||

साईं नाम सदा जो गावे |
सो फल जग में शाश्वत पावे ||

गुरुवासर करि पूजा – सेवा |
उस पर कृपा करत गुरुदेवा ||

राम, कृष्ण, हनुमान रूप में |
दे दर्शन, जानत जो मन में ||

विविध धर्म के सेवक आते |
दर्शन कर इच्छित फल पाते |

जै बोलो साईं बाबा की |
जो बोलो अवधूत गुरु की ||

‘साईंदास’ आरती को गावे |
घर में बसि सुख, मंगल पावे ||

 

 

साईं बाबा के अनमोल वचन

1: Why fear when I am here? | मेरे रहते डर कैसा ?

Sai Baba | साईं बाबा

I am formless and everywhere. | मैं निराकार हूँ और सर्वत्र हूँ |

Sai Baba | साईं बाबा

3: I am in everything and beyond. I fill all space.

In Hindi: मैं हर एक वस्तु में हूँ और उससे परे भी. मैं सभी रिक्त स्थान को भरता हूँ |

Sai Baba | साईं बाबा

4: All that you see taken together is Me.

आप जो कुछ भी देखते हैं उसका संग्रह हूँ मैं |

Sai Baba | साईं बाबा

5: I do not shake or move.

मैं डगमगाता या हिलता नहीं हूँ |

Sai Baba | साईं बाबा

6: If one devotes their entire time to me and rests in me, need to fear nothing for body and soul.

यदि कोई अपना पूरा समय मुझमें लगाता है और मेरी शरण में आता है तो उसे अपने शरीर या आत्मा के लिए कोई भय नहीं होना चाहिए |

Sai Baba | साईं बाबा

7: If one sees me and me alone and listens to my Leelas and is devoted to me alone, they will reach God.

यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा |

Sai Baba | साईं बाबा

8: My business is to give blessings. | मेरा काम आशीर्वाद देना है |

Sai Baba | साईं बाबा

9: I get angry with none. Will a mother get angry with her children? Will the ocean send back the waters to the several rivers?

मैं किसी पर क्रोधित नहीं होता. क्या माँ अपने बच्चों से नाराज हो सकती है  ? क्या समुद्र अपना जल वापस नदियों में भेज सकता है ?

Sai Baba | साईं बाबा

10: I will take you to the end. | मैं तुम्हे अंत तक ले जाऊंगा |

Sai Baba | साईं बाबा

11: Surrender completely to God. पूर्ण रूप से ईश्वर में समर्पित हो जाइये |

Sai Baba | साईं बाबा

12: If you make me the sole object of your thoughts and aims, you will gain the supreme goal.

यदि तुम मुझे अपने विचारों और उद्देश्य की एकमात्र वस्तु रक्खोगे , तो तुम सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त करोगे |

Sai Baba | साईं बाबा

13: Trust in the Guru fully. That is the only sadhana. | अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें. यही साधना है |

Sai Baba | साईं बाबा

14: I am the slave of my devotee. | मैं अपने भक्त का दास हूँ |

Sai Baba | साईं बाबा

15: Stay by me and keep quiet. I will do the rest. | मेरी शरण में रहिये और शांत रहिये. मैं बाकी सब कर दूंगा |

Sai Baba | साईं बाबा

16: What is our duty? To behave properly. That is enough. | हमारा कर्तव्य क्या है? ठीक से व्यवहार करना. ये काफी है |

Sai Baba | साईं बाबा

17: My eye is ever on those who love me. | मेरी दृष्टि हमेशा उनपर रहती है जो मुझे प्रेम करते हैं |

Sai Baba | साईं बाबा

18: Whatever you do, wherever you may be, always bear this in mind: I am always aware of everything you do.

तुम जो भी करते हो, तुम चाहे जहाँ भी हो, हमेशा इस बात को याद रखो: मुझे हमेशा इस बात का ज्ञान रहता है कि तुम क्या कर रहे हो |

Sai Baba साईं बाबा

19: I will not allow my devotees to come to harm. | मैं अपने भक्तों का अनिष्ट नहीं होने दूंगा |

Sai Baba | साईं बाबा

20: If a devotee is about to fall, I stretch out my hands to support him or her.

अगर मेरा भक्त गिरने वाला होता है तो मैं अपने हाथ बढ़ा कर उसे सहारा देता हूँ |

Sai Baba | साईं बाबा

21: I think of my people day and night. I say their names over and over.

मैं अपने लोगों के बारे में दिन रात सोचता हूँ. मैं बार-बार उनके नाम लेता हूँ |