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About Darshnam Cabs

Darshnam Cabs provide Cabs & car hire service in Deoghar, Jharkhand, India. We offers pick-up and drop facility from Nearest Railway Stations and Airport. You can hire cabs with us 24 x 7.We are committed to providing the best services in the private transport facility.  We are recognised one of the most renowned car rental and cabs hire agencies in Deoghar, Jharkhand, India. Our car hire services offer a host of cars to choose from, which are all well maintained and tested for maintenance before the commencement of any trip.You can get our Darshnam cabs & car rental services by Online Booking.Our Customer Service Representatives are available 24×7 hours to assist with any problems.Our company has taxis and cars to cater to every requirement that you may have. Hiring car & taxi service from Deoghar not only cheap but a safe journey. We have all type of AC & Non AC, Latest Tourist Car and Van, Scorpio, Mahindra Bolero, Tata Sumo, Toyota Innova, Maruti Swift Dzire, Tata Indica & 13 & 15 seater Tata Winger are available at any time in Baba Baidyanath Dham (Deoghar). We also offer Car hiring (Car Rents Services) for tour vacations for family reunions, business meetings, honeymoons, anniversary celebrations and any other Special events.We offer customer trips at cheap car hire pricing, to satisfy the customer needs.

Deoghar Sightseeing Places

Baidyanath Jyotirlinga Tour
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Per Trip

  • 4 Seater Cab
  • Pick Up Or Drop
  • JSME Railway Stations
  • Deoghar

₹2000

Per Day

  • Deoghar Sightseeing
  • Visit 5 Places
  • Free Breakfast
  • 8 hrs

₹1600

Per day

  • Corporate Visit
  • 80 KM
  • 8 HRS
  • 4 SEATER CAB
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Live Darshan Baba Baidyanath Dham


बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मन्दिर की कहानी - कामना लिंग बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की भी कथा है जो लंकापति रावण से जुड़ी है |एक बार जब रावण ने शिव तपस्या करनी शुरु किया और सालों तक तपस्या करने के बाद शिव जी ने रावण को उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर मनोवांछित वरदान दिया | रावण ने भगवान शिव को कैलाश पर्वत से अपने साथ लंका ले जाने की इच्छा व्यक्त किया | भगवान शिव ने खुद लंका जाने से मना कर दिया, लेकिन अपने भक्त रावण को ज्योतिर्लिंग ले जाने की सलाह दी | साथ ही शर्त लगा दी कि इसे अगर रास्ते में कहीं धरती पर रखा, तो यह वहीं स्थापित हो जाएगा, वहां से कोई उसे उठा नहीं पाएगा | इधर, भगवान विष्णु नहीं चाहते थे कि ज्योतिर्लिंग लंका पहुंचे | उन्होंने गंगा माँ को रावण के पेट में समाने का अनुरोध किया | गंगा माँ जैसे ही रावण के पेट में समाई, रावण को तीव्र लघुशंका लगी | वह सोचने लगा कि किसको ज्योतिर्लिंग सौंपकर वह लघुशंका से निवृत्त हो | उसी क्षण ग्वाले के वेश में भगवान विष्णु वहां प्रकट हुए | रावण ने ग्वाले को ज्योतिर्लिंग सौंप दिया और हिदायत दी कि जब तक वह न आए, तब तक ज्योतिर्लिंग को वह जमीन पर न रखे | रावण लघुशंका करने लगा, गंगा माँ के प्रभाव से उसे निवृत्त होने में काफी देर लग गई | वह जब लौटा, तो ग्वाला ज्योतिर्लिंग को जमीन पर रखकर विलुप्त हो चुका था | इसके बाद रावण ने ज्योतिर्लिंग को उठाने की लाख कोशिश की, मगर सफल नहीं हो सका, उसे खाली हाथ लंका लौटना पड़ा, बाद में सभी देवी-देवताओं ने आकर उस ज्योतिर्लिंग को विधिवत स्थापित किया और पूजा-अर्चना की |काफी दिनों बाद बैजनाथ नामक एक चरवाहे को इस ज्योतिर्लिंग का दर्शन हुआ | वह प्रतिदिन इसकी पूजा करने लगा | इसी कारण इस ज्योतिर्लिग का नाम बैद्यनाथ हो गया |बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र वैद्यनाथ शिवलिंग झारखंड के देवघर में स्थित है. इस जगह को लोग बाबा बैजनाथ धाम के नाम से भी जानते हैं | कहते हैं भोलेनाथ यहां आने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं | इसलिए इस शिवलिंग को 'कामना लिंग' भी कहते हैं |
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
बैजनाथ धाम